पिंकी पाजी ने लेह में, समुद्र से 3500 मीटर ऊपर, नया ढाबा खोला था। बीस भूखे बाइकर्स ने उनकी मशहूर राजमा ऑर्डर की, और उनके लीडर ने आधे घंटे का वक्त दिया, वरना रिव्यू में लिखा जाता "ढाबा ठंडा, राजमा कच्चा"।
पर तीन घंटे उबलने के बाद भी दाना पत्थर जैसा सख्त था। पाजी ने पूरा सिलेंडर खोल दिया। पानी और ज़ोर से उबला, पर राजमा वैसी की वैसी रही।
तभी बगल में चाय बेचने वाली त्सेरिंग, जो रात को JEE की तैयारी करती थी, ने पतीले में थर्मामीटर डाला। पानी उबल रहा था, पर तापमान सिर्फ़ 88 °C था।
1. पानी कब उबलता है?
पानी तब उबलता है जब उसके अंदर भाप के बुलबुले बन सकें। ऐसा तब होता है जब पानी का वाष्प दाब (vapour pressure), यानी उसकी अपनी भाप का धक्का, ऊपर से दबाने वाली हवा के दबाव के बराबर हो जाए।
उबाल: वाष्प दाब = बाहर का दबाव
क्वथनांक ऊपर के दबाव पर निर्भर करता है
समुद्र के किनारे हवा का दबाव 1 एटमॉस्फियर है, और पानी का वाष्प दाब 100 °C पर 1 atm होता है। इसीलिए "पानी 100 °C पर उबलता है" सिर्फ़ समुद्र तल पर सच है।

2. पहाड़ पर क्वथनांक क्यों गिरता है
ऊपर जाने पर हमारे ऊपर हवा कम होती है, इसलिए हवा का दबाव कम होता है। लेह में यह सिर्फ़ लगभग 0.65 atm है, समुद्र तल का करीब दो-तिहाई। पानी का वाष्प दाब इस कम दबाव तक कम तापमान पर ही पहुँच जाता है।

एक काम का मोटा नियम: हर 300 मीटर ऊपर जाने पर क्वथनांक लगभग 1 °C कम हो जाता है।
3500 ÷ 300 ≈ 12 → 100 − 12 = 88 °C
वही 88 °C जो त्सेरिंग ने नापा
| जगह | ऊँचाई | हवा का दबाव | पानी उबलता है |
|---|---|---|---|
| मुंबई | समुद्र तल | 1 atm | 100 °C |
| शिमला | 2200 m | ≈ 0.77 atm | ≈ 93 °C |
| लेह | 3500 m | ≈ 0.65 atm | ≈ 88 °C |
| एवरेस्ट की चोटी | 8849 m | ≈ 0.33 atm | ≈ 70 °C |
3. तेज़ आग से फ़ायदा क्यों नहीं
एक बार पानी उबलने लगे, तो उसका तापमान बढ़ना रुक जाता है। तेज़ आग से मिलने वाली हर अतिरिक्त ऊर्जा पानी को भाप बनाने में जाती है (इसे वाष्पन की गुप्त ऊष्मा कहते हैं, हर ग्राम के लिए लगभग 2260 J), तापमान बढ़ाने में नहीं।
इसलिए पाजी चाहे जितनी गैस जलाते, राजमा 88 °C पर ही रहती, और 88 °C पर दाना बहुत धीरे गलता है।
4. प्रेशर कुकर: दबाव बढ़ाओ, क्वथनांक बढ़ाओ
प्रेशर कुकर भाप को अंदर बंद रखता है। उसकी सीटी का वज़न भाप को तभी निकलने देता है जब अंदर का दबाव बाहर की हवा से लगभग 1 atm ज़्यादा हो जाए।

0.65 atm + 1 atm ≈ 1.65 atm → उबाल ≈ 115 °C
समुद्र तल पर यही कुकर लगभग 2 atm और 120 °C तक जाता है
कितना तेज़? 10 °C का नियम
पकाना भी केमिस्ट्री है: स्टार्च और प्रोटीन रासायनिक अभिक्रियाओं से टूटते हैं। एक आम नियम (NCERT कक्षा 12, रासायनिक बलगतिकी) है कि हर 10 °C बढ़ने पर अभिक्रिया की दर लगभग दोगुनी हो जाती है।
115 − 88 ≈ 27 °C ≈ 10 °C के 2.7 कदम → 2^2.7 ≈ 6.5 गुना तेज़
3 घंटे ÷ 6.5 ≈ 28 मिनट
इसीलिए कुकर ने करीब 25 मिनट में सीटी मारी, और राजमा "मक्खन जैसी" गल गई।
5. प्रैक्टिस सवाल
कक्षा 9
चेन्नई में पानी 100 °C पर उबलता है, पर लेह में कम तापमान पर। मुख्य कारण है: (a) कम ऑक्सीजन (b) कम हवा का दबाव (c) ठंडा मौसम (d) कठोर पानी
जवाब देखें
**(b) कम हवा का दबाव।** उबाल तब होता है जब वाष्प दाब बाहर के दबाव के बराबर हो, और बाहर का दबाव कम हो तो यह कम तापमान पर ही हो जाता है।कक्षा 9–11
चूल्हे पर पानी उबल रहा है और आप आग दोगुनी कर देते हैं। पानी के तापमान का क्या होगा?
जवाब देखें
वह वैसा ही रहेगा (अपने क्वथनांक पर)। अतिरिक्त ऊष्मा गुप्त ऊष्मा बनकर और पानी को भाप में बदलती है, बस पानी जल्दी खत्म होता है।कक्षा 11
"हर 300 m पर लगभग 1 °C कम" नियम से 2400 m ऊँचे हिल स्टेशन पर क्वथनांक का अनुमान लगाइए।
जवाब देखें
2400 ÷ 300 = 8, तो लगभग **100 − 8 = 92 °C**।NEET / JEE
किसी अभिक्रिया की दर हर 10 °C पर दोगुनी होती है। तापमान 70 °C से 100 °C करने पर वह कितनी गुना तेज़ होगी?
जवाब देखें
30 °C = 3 कदम, तो 2³ = **8 गुना** तेज़।NEET / JEE
प्रेशर कुकर में खाना जल्दी क्यों पकता है?
जवाब देखें
वह पानी के ऊपर का दबाव बढ़ाता है, जिससे क्वथनांक बढ़ जाता है (समुद्र तल पर लगभग 120 °C)। ज़्यादा तापमान पर पकाने वाली अभिक्रियाएँ बहुत तेज़ हो जाती हैं।JEE
पानी की वाष्पन गुप्त ऊष्मा लगभग 2260 J/g है। क्वथनांक पर पहले से मौजूद 500 g पानी को पूरा भाप बनाने के लिए कितनी ऊष्मा चाहिए?
जवाब देखें
Q = mL = 500 × 2260 = **11,30,000 J ≈ 1.13 MJ**। ध्यान दीजिए, इसमें से कुछ भी तापमान नहीं बढ़ाता।6. वीडियो वाला क्विज़
माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पानी कितने तापमान पर उबलेगा?
लगभग 70 °C। 8849 m पर हवा का दबाव समुद्र तल का सिर्फ़ एक-तिहाई है, इसलिए पानी का वाष्प दाब लगभग 70 °C पर ही उसके बराबर हो जाता है। वहाँ बिना प्रेशर कुकर के दाल कभी नहीं गल सकती।
याद रखिए
- पानी तब उबलता है जब वाष्प दाब = बाहर का दबाव।
- कम दबाव, कम क्वथनांक: हर 300 m पर लगभग −1 °C; लेह ≈ 88 °C, एवरेस्ट ≈ 70 °C।
- उबलते समय अतिरिक्त ऊष्मा गुप्त ऊष्मा बनती है; तापमान नहीं बढ़ता।
- प्रेशर कुकर दबाव बढ़ाकर क्वथनांक बढ़ाता है (समुद्र तल पर ≈ 120 °C)।
- मोटा नियम: अभिक्रिया की दर हर 10 °C पर लगभग दोगुनी।
सिलेबस: NCERT कक्षा 9 विज्ञान, हमारे आस-पास के पदार्थ; NCERT कक्षा 11 भौतिकी, द्रव्य के तापीय गुण; NCERT कक्षा 12 रसायन, रासायनिक बलगतिकी।
